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राजस्थान के लिए भाषायी सर्वेक्षण प्रपत्र
 
A. विद्यालय के बारे में
 
 
 
 
B. शिक्षक के बारे में
 
C. ‘शिक्षण का माध्यम’ की भाषा को समझने और बोलने की क्षमता
विद्यालय में भाषा विषयों को छोड़कर अन्य विषयों के शिक्षण के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा, जो राज्य द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों और परीक्षा की भाषा होती है उस भाषा को “शिक्षण का माध्यम’ कहते हैं l
 
 
D. बच्चों के घर की भाषा एवं बच्चों के घर की भाषा-1 में शिक्षक की दक्षता
घर की भाषा : यानी वह भाषा/बोली जिसे बच्चे बहुत ही अच्छी तरह से जानते हैं। पहली बार विद्यालय (बालवाटिका या कक्षा-1) आने तक जिस भाषा/बोली को बच्चे अच्छी तरह समझते हैं और बोलते हैं।
घर की भाषा-1 : जिसे कक्षा -1 में सबसे ज़्यादा बच्चे जानते हैं।
 
E. घर की भाषा -2 में शिक्षक की क्षमता
घर की भाषा -2 : वह भाषा है जो घर की भाषा-1 को जानने वाले बच्चों के अतिरिक्त अधिकांश बच्चों के घर की भाषा है।
 
F. घर की भाषा-3 में शिक्षक की क्षमता
घर की भाषा-3 : वह भाषा है जो घर की भाषा-1 और घर की भाषा-2 जानने वाले बच्चों के अतिरिक्त अधिकांश बच्चों के घर की भाषा है।
 
G. घर की अन्य भाषाएँ
घर की अन्य भाषाएँ: घर की अन्य कोई भाषा है जो घर की भाषा-1, घर की भाषा-2 और घर की भाषा-3 को जानने वाले बच्चों के अतिरिक्त अधिकांश बच्चों के घर की भाषा है।
 
H. लिंक/संपर्क भाषा
लिंक/संपर्क भाषा : लिंक/संपर्क की भाषा एक ऐसी भाषा होती है जो घर के बाहर बोली जाती है । यह समुदाय में व्यापक रूप से आपसी बोलचाल के लिए इस्तेमाल की जाती है। यह भाषा स्कूल के माध्यम की भाषा नहीं है l